Thursday, February 16, 2012

तारे जमा कर रखे हैं....

टूटा है अगर दिल तो इसे रोने दो,
तमाशा ये हरेक रोज़ है ,इसे होने दो !!!

साँसे नहीं आती अब जन्नत की हवा में,

जहन्नुम गर होता हैं समाँ ,इसे होने दो !!

तारे जमा कर रखे हैं सियाह लिहाफ में,

सुबह में देर है तो ज़रा,उनको पिरोने दो !!!

छिपते हो शब्-ए-ग़म की दरारों में 'अब्तर',

नज़र आ जाओगे तुम भी ,सुबह होने दो !!

Thursday, December 15, 2011

जब बिन माँ के उस बच्चे को देखा नहीं था

वो सब्ज़ बाग़ नहीं था, धोखा नहीं था,
मुनासिब बात करने का मगर मौका नहीं था !

जब मुड़कर देखा तो एक दोस्त था वो,
ख़ंजर वरना उतरने पर मैं चौंका नहीं था !

समझता था ख़ुदा ने मुझसे इन्साफ नहीं किया,
जब बिन माँ के उस बच्चे को देखा नहीं था !

'अब्तर' की शराफ़त है, हाथ बांधे हुए हैं हम,
किसी ने क़त्ल करने से हमे रोका नहीं था !

Monday, October 3, 2011

एक हार और सही

ज़िन्दगी में एक हार और सही,
अपने दिल पर एक वार और सही,
कोई ग़म होगा तो एक ग़ज़ल बनेगी,
कोरे सफ़े पे कुछ अशार और सही!!

मुख़्तसर नहीं ये जद्द-ओ-ज़हद फिर भी,
इसका भी कोई अंजाम तो होगा ,
किसी बच्चे सा ये दिल भी बहले वरना,
कुछ दिन रहे बेक़रार और सही!!

Sunday, August 14, 2011

Monday, August 1, 2011

ज़िन्दगी सुबह शाम सी चलती है...

कभी उभरती है, कभी ढलती है,
ज़िन्दगी सुबह शाम सी चलती है...

कोई दोपहर बड़ी तेज़ धूप,
हसरतों को जब झुलसाये ,
कभी उम्मीद कभी हौसला,
साया बने शाखें फैलाये !

दुःख के आंसू, पानी के छींटे,
इस तपिश को कम कर देंगे,
जब अपने साथ होंगे,
इसे बारिश का मौसम कर देंगे..

भीगती है कभी, कभी सूख जाती है,
कभी चैन पाए, कभी मचलती है,
कभी उभरती है, कभी ढलती है,
ज़िन्दगी सुबह शाम सी चलती है...



Friday, June 3, 2011

The Losers: Comic

Hi all,

I'd like to introduce my latest creation to you
'The Losers', a new comic strip .

'the losers' revolve around the experiences of common IT guys with Life,Love & Loss...

so, keep following and do let me know how can I make it better....I hope you all like it...

here's the link-

http://theloserscomic.blogspot.com

Thursday, May 19, 2011

मन को मनाने की बात है !!

मेरे  खो  जाने , ना तेरे  मिल  जाने  की  बात  है ,
आखिर  में  तो  मन  को  मनाने  की  बात  है  !!

तुझे भुलाना इतना भी मुश्किल नहीं होगा,

तसवीरें और ख़त भर जलाने की बात है !!

'अब्तर' हुए हैं तो क्या, आबाद नहीं होंगे?

उजड़े हुए इक घर को बनाने की बात है !!!